स्याल्दे ब्लॉक के मयाल तोक की घटना; घास लेने जंगल गई सुनीता ने अदम्य साहस का दिया परिचय, वन विभाग ने गांव में लगाया पिंजरा
डिजिटल डेस्क, अल्मोड़ा:
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे ब्लॉक से एक हैरान कर देने वाली और अदम्य साहस की खबर सामने आई है। यहाँ मवेशियों के लिए घास लेने जंगल गई एक 22 वर्षीय युवती पर अचानक गुलदार (तेंदुए) ने जानलेवा हमला कर दिया। मौत को सामने देख युवती घबराई नहीं, बल्कि अपने हाथ में मौजूद दराती से ही गुलदार पर पलटवार कर दिया और उसे भागने पर मजबूर कर दिया।
अचानक झपटा गुलदार, दराती से किया मुकाबला
मिली जानकारी के अनुसार, स्याल्दे ब्लॉक की बबलिया ग्राम पंचायत (मयाल तोक) निवासी हर सिंह कत्यूरा की 22 वर्षीय पुत्री सुनीता गुरुवार देर शाम घर के पास ही मवेशियों के लिए चारा (घास) लेने गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उस पर हमला बोल दिया।
अचानक हुए इस हमले से सुनीता एक पल के लिए सहमी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने ज़ोर-ज़ोर से चीखना-चिल्लाना शुरू किया और मदद की गुहार लगाते हुए दराती से सीधे गुलदार पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों की ललकार से जंगल की ओर भागा गुलदार
सुनीता की चीख-पुकार सुनकर उसके परिजन और आसपास के ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों के भारी शोर-शराबे और युवती के साहसी प्रतिरोध के आगे गुलदार पस्त हो गया और घायल सुनीता को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
सीएचसी देघाट में चल रहा इलाज
घटना में सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गई है। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देघाट ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है।
गांव में गश्त बढ़ी, लगाया गया पिंजरा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई। सामाजिक कार्यकर्ता सुमित सिंह मनराल के अनुसार, वन अनुभाग अधिकारी चंद्रशेखर त्रिपाठी, बीट अधिकारी पंकज सिंह बिष्ट, किशोर कुमार आर्या और बलवीर सिंह समेत वन कर्मियों का दल तुरंत मौके पर पहुंचा।
वन विभाग ने घटना स्थल के आसपास ट्रैप कैमरे और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है।
