Gold Silver Price Today को लेकर निवेशकों और खरीदारों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पिछले 10 दिनों से लगातार जारी गिरावट के सिलसिले पर अचानक ब्रेक लग गया है। 3 सितंबर की शाम होते-होते घरेलू और वैश्विक कमोडिटी बाजारों में अप्रत्याशित खरीदारी देखने को मिली, जिससे बहुमूल्य धातुओं के दाम एकाएक चढ़ गए। भारतीय बाजार में जहां सोना छलांग लगाकर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, वहीं चांदी में भी प्रति किलोग्राम हजारों रुपये की बढ़त दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित तेजी का सीधा संबंध अमेरिका से आए नीतिगत बयानों और आर्थिक आंकड़ों से जुड़ा हुआ है।
3 सितंबर का बाजार: Gold Silver Price Today में कितना हुआ बदलाव?
घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शाम के कारोबारी सत्र में भारी हलचल देखी गई। पिछले सत्र के मुकाबले सोने के अनुबंधों में 3,400 रुपये प्रति 10 ग्राम की जोरदार तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,55,401 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 1,55,798 रुपये का ऊपरी स्तर और 1,53,251 रुपये का निचला स्तर छुआ, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,52,402 रुपये था।
दूसरी ओर, चांदी के खरीदारों को भी इस तेजी का सीधा असर देखने को मिला। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के मिले-जुले रुख के चलते चांदी में प्रति किलोग्राम 4,400 रुपये से अधिक की छलांग लगी। MCX पर चांदी 2,39,888 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर जा पहुंची। पिछले सत्र में 2,36,266 रुपये पर बंद होने के बाद चांदी ने दिनभर के कारोबार में मजबूत पकड़ बनाए रखी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और Gold Silver Price Today पर इसका प्रभाव
ग्लोबल मार्केट में भी कमोडिटी ट्रेडर्स के बीच जबर्दस्त खरीदारी देखने को मिली। अमेरिकी कमोडिटी एक्सचेंज (COMEX) पर स्पॉट गोल्ड 2.84 प्रतिशत की मजबूती के साथ 125 डॉलर चढ़कर 4,540 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई इस मजबूती ने भारतीय वायदा कीमतों को सीधे तौर पर सहारा दिया।
चांदी की चमक भी वैश्विक स्तर पर काफी तेज रही। कॉमेक्स पर चांदी में 2.71 प्रतिशत (लगभग 1.77 डॉलर) की बढ़त देखी गई और यह 67 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर को पार कर गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी बाजारों में डॉलर इंडेक्स की चाल और सुरक्षित निवेश की धारणा ने इस रैली को मजबूत गति प्रदान की।
तेजी के पीछे मुख्य कारण: क्यों बदला Gold Silver Price Today का रुख?
कीमती धातुओं के इस ताजा उछाल के पीछे मुख्य रूप से भू-राजनीतिक और मैक्रो-इकोनॉमिक कारक जिम्मेदार रहे हैं:
1. अमेरिकी रुख और मिडिल ईस्ट तनाव पर बयान
बाजार में आई इस अचानक तेजी की प्राथमिक वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का ताजा बयान माना जा रहा है। उन्होंने पश्चिम एशिया में लंबे सैन्य संघर्ष की संभावनाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान पर हालिया अमेरिकी सैन्य कदम सीमित और अल्पकालिक हैं। इस बयान से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने का डर काफी हद तक टल गया। तेल की कीमतों में नरमी आने से यह राहत मिली कि वैश्विक महंगाई दर फिर से नियंत्रण से बाहर नहीं होगी।
2. ब्याज दरों और फेडरल रिजर्व की नीतियों का समीकरण
कमोडिटी बाजार के लिए केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें बेहद निर्णायक होती हैं। चूंकि सोने पर कोई निश्चित ब्याज या लाभांश नहीं मिलता, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के दौर में सोने की मांग कमजोर पड़ जाती है। न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स के बयानों ने भी धारणा को सकारात्मक बनाया। उन्होंने संकेत दिया कि टैरिफ का दबाव घटने के साथ महंगाई में नरमी आ रही है और ऊर्जा लागत का असर व्यापक सेवाओं पर नहीं पड़ रहा है।
3. सुस्त अमेरिकी रोजगार डेटा (ADP रिपोर्ट)
सोने की तेजी को अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़ों से भी बल मिला। हालिया ADP एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त माह में अमेरिकी निजी क्षेत्र ने महज 38,000 नई नौकरियां जोड़ीं। यह संख्या बाजार के अनुमानों से काफी कमजोर रही। रोजगार बाजार में सुस्ती का सीधा अर्थ यह है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी करने से बचना होगा। नीतिगत दरों में नरमी की संभावना हमेशा ही सोने और चांदी के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है।
आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख?
जैकसन होल सम्मेलन के बाद बने सतर्क माहौल के बीच अब परिदृश्य बदलता दिख रहा है। कमजोर श्रम आंकड़े और पश्चिम एशिया में सीमित तनाव के संकेतों ने बुलियन मार्केट को नए सिरे से गति दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में Gold Silver Price Today का रुझान पूरी तरह से अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी टिप्पणियों और डॉलर इंडेक्स की स्थिरता पर निर्भर करेगा। यदि आर्थिक आंकड़े आगे भी सुस्ती के संकेत देते हैं, तो कीमती धातुओं में यह मजबूत रुझान आगे भी बना रह सकता है।
