हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कांगड़ी फ्लाईओवर पर रविवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा पेश आया। तेज रफ्तार कार और स्कूटी के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर में दो नाबालिग किशोरों की असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की उम्र महज 14 और 16 वर्ष बताई जा रही है। टक्कर इतनी तीव्र थी कि दोपहिया वाहन के परखच्चे उड़ गए और दोनों किशोर हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के जरिए दोनों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद से दोनों ही परिवारों के चिराग बुझ जाने से कोहराम मचा हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के उड़े होश, फ्लाईओवर पर मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब सामान्य आवाजाही के दौरान यह दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। स्कूटी सवार दोनों किशोर हरिद्वार से श्यामपुर की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। जैसे ही उनकी स्कूटी कांगड़ी फ्लाईओवर के ढलान के समीप पहुंची, विपरीत दिशा यानी हरिद्वार से बिजनौर मार्ग की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार से स्कूटी की जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय दुकानदार सन्न रह गए। टक्कर लगते ही स्कूटी कई मीटर तक घिसटती चली गई और कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क पर चारों तरफ वाहनों के कलपुर्जे और खून बिखर गया। मौके पर तुरंत लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। घटना के बाद कुछ समय के लिए फ्लाईओवर पर वाहनों की गति थम गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों ने बिना देर किए तत्काल इसकी सूचना श्यामपुर थाना पुलिस और 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को दी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही श्यामपुर कोतवाली प्रभारी नितेश शर्मा भारी पुलिस बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से खून से लथपथ दोनों किशोरों को संभाला और तत्काल 108 एंबुलेंस के जरिए हरिद्वार स्थित जिला अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल में आपातकालीन वार्ड के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के उपरांत दोनों किशोरों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों के सिर और सीने पर अत्यधिक गंभीर चोटें आई थीं और अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से उनकी सांसें थम चुकी थीं। दोनों किशोरों की मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में भी सन्नाटा पसर गया।
मृतकों की पहचान और परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और पहचान की कार्रवाई में मृतकों के नाम स्पष्ट हुए:
- कार्तिक अग्रवाल (उम्र 16 वर्ष): पुत्र नवीन अग्रवाल, निवासी कालीवाली हवेली, हरकी पैड़ी क्षेत्र, हरिद्वार।
- कृष्णा राजपूत (उम्र 14 वर्ष): पुत्र सोनू राजपूत, निवासी शिवनगर, रानी गली, हरिद्वार।
जैसे ही दोनों किशोरों के घर पर इस अनहोनी की सूचना पहुंची, परिजनों के होश उड़ गए। बिलखते हुए परिजन और रिश्तेदार जिला अस्पताल की मोर्चरी की तरफ दौड़े। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग और पड़ोसी भी शोक संतप्त परिवारों को संभालने में असमर्थ महसूस कर रहे थे। एक साथ दो हंसते-खेलते किशोरों की इस प्रकार अचानक मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे शोक में डुबो दिया है।
कांगड़ी फ्लाईओवर: सुरक्षा मानकों और तेज रफ्तार पर गंभीर सवाल
कांगड़ी फ्लाईओवर पर हुआ यह हादसा कोई पहला मामला नहीं है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह फ्लाईओवर लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए निम्नलिखित प्रमुख समस्याएं उजागर की हैं:
- अनियंत्रित गति: राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े होने के कारण फ्लाईओवर पर छोटे और भारी वाहन अत्यधिक रफ्तार से दौड़ते हैं।
- स्पीड ब्रेकर और साइनेज का अभाव: फ्लाईओवर के मुहानों और मोड़ों पर गति नियंत्रक उपायों, रंबल स्ट्रिप्स और चेतावनी बोर्डों की स्पष्ट कमी है।
- कम उम्र में वाहन संचालन: 14 और 16 वर्ष के किशोरों द्वारा हाईवे व फ्लाईओवर जैसे जोखिम भरे मार्गों पर दोपहिया वाहन चलाना भी अभिभावकों और पुलिस प्रशासन दोनों के स्तर पर जागरूकता और निगरानी की कमी को उजागर करता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते इस ब्लैक स्पॉट पर स्थायी सुरक्षा उपाय, स्पीड रडार या बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं करता, तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान और विधिक कार्रवाई
घटना के संदर्भ में श्यामपुर कोतवाली प्रभारी नितेश शर्मा ने जानकारी दी कि दोनों वाहनों की आमने-सामने की भिड़ंत में दो नाबालिगों की जान गई है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और स्कूटी दोनों को कब्जे में ले लिया है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। कार चालक और वाहन के संबंध में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही दुर्घटना के वास्तविक तकनीकी कारणों, वाहनों की गति और मौके की परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि मामले में नियमानुसार अग्रिम कानूनी कदम उठाए जा सकें।
