एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी ने दम तोड़ दिया। कुछ दिन पहले हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में कोर्ट पेशी के दौरान बदमाशों ने उसे गोली मार दी थी, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद आखिरकार उसकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोली लगने के बाद विनय त्यागी को गंभीर अवस्था में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम ने उसका ऑपरेशन कर गर्दन और हाथ में फंसी गोली निकाल दी थी, लेकिन गोली लगने से उसकी आंतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। लगातार बिगड़ती हालत के चलते उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था, जहां उपचार के दौरान उसने अंतिम सांस ली।
मुजफ्फरनगर के गांव खाईखेड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को एक अक्टूबर को देहरादून पुलिस ने लाखों रुपये की नकदी और जेवर चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। हरिद्वार में पहले से दर्ज मुकदमों के चलते 12 दिसंबर को उसे रुड़की जेल में शिफ्ट किया गया था। बुधवार दोपहर पुलिस की एक टीम उसे पेशी के लिए लक्सर कोर्ट लेकर जा रही थी।
बताया गया कि छह पुलिसकर्मी टाटा सुमो वाहन में विनय त्यागी को लेकर जा रहे थे। जैसे ही वाहन लक्सर के रेलवे ओवरब्रिज पर जाम में फंसा, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने अचानक पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में विनय त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए थे।
हमलावर गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज हमले में शामिल दोनों आरोपियों सनी यादव उर्फ शेरा और अजय को खानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी काशीपुर (उधम सिंह नगर) के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
कौन था विनय त्यागी
विनय त्यागी मेरठ का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था और उसका नाम कुख्यात सुनील राठी गैंग से भी जुड़ा बताया जाता है। उस पर रुड़की और लक्सर समेत कई थानों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। इसके अलावा विनय त्यागी और उसकी पत्नी के खिलाफ लक्सर थाने में करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है। बताया जा रहा है कि उसी मामले में उसकी कोर्ट में पेशी थी, जिसके दौरान यह हमला हुआ।
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं और साजिश के तारों की भी गहन जांच कर रही है।
