उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में शनिवार को गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर खट्टूखाल के पास अचानक हुए भारी भूस्खलन से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण हाईवे बंद हो गया। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया, जबकि बड़े वाहनों की आवाजाही अब भी बाधित बनी हुई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें लगातार सड़क से मलबा और बोल्डर हटाने में जुटी हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच नालूपानी और देवीधार के मध्य खट्टूखाल क्षेत्र में बिना किसी वर्षा के अचानक भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के चलते सड़क पर भारी मलबा और विशाल पत्थर आ गए, जिससे गंगोत्री हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक किलोमीटर तक यातायात फंस गया।
घटना की सूचना मिलते ही धरासू थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एहतियातन वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने जोखिम उठाते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र को पार करने का प्रयास भी किया। हालांकि प्रशासन की सतर्कता और BRO के प्रयासों के बाद शाम करीब सात बजे छोटे वाहनों के लिए मार्ग को आंशिक रूप से खोल दिया गया।
धरासू थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज असवाल ने बताया कि बड़े वाहनों की आवाजाही सुचारू करने के लिए BRO की मशीनों से सड़क पर पड़े विशाल बोल्डरों को तोड़ने और हटाने का कार्य जारी है। बोल्डर अत्यधिक बड़े और भारी होने के कारण उन्हें हटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मार्ग को पूरी तरह खोलने में अभी और समय लग सकता है।
भूस्खलन से एयरटेल नेटवर्क भी प्रभावित
भूस्खलन का असर दूरसंचार सेवाओं पर भी देखने को मिला। गंगोत्री हाईवे पर हुए भूस्खलन के चलते एयरटेल की कनेक्टिविटी सेवा करीब साढ़े पांच घंटे तक ठप रही। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार भूस्खलन के दौरान एयरटेल की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे नेटवर्क पूरी तरह बाधित हो गया और उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में रात करीब नौ बजे नेटवर्किंग एजेंसी के कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य पूरा कर सेवा को पुनः बहाल किया।
