देहरादून में नस्लीय हमले के बाद त्रिपुरा के छात्र की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए इस दर्दनाक घटनाक्रम ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की कथित नस्लीय हमले में हुई मौत को लेकर विभिन्न राज्यों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उत्तराखंड सरकार से दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने एंजेल चकमा के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना भी प्रकट की है।
मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिमी त्रिपुरा के नंदननगर निवासी 24 वर्षीय एंजेल चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में कुछ लोगों के समूह ने हमला किया था। बताया जा रहा है कि एंजेल ने अपने खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणी का विरोध किया था, जिसके बाद उस पर हमला कर दिया गया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और लंबे समय तक इलाज के बाद 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।
सीएम सरमा ने सीएम धामी से की अपील
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि देहरादून में नस्लीय अपमान का विरोध करने वाले एंजेल चकमा की दुखद मृत्यु बेहद पीड़ादायक और अस्वीकार्य है। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं एक अन्य आरोपी, जो नेपाल का निवासी बताया जा रहा है, उसके देश लौटने की आशंका जताई जा रही है। मुख्यमंत्री सरमा ने इस घटना को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा को भी टैग करते हुए शोक व्यक्त किया है।
यह घटना न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में नस्लवाद और हिंसा के खिलाफ गहरी चिंता और आक्रोश का कारण बन गई है। लोग दोषियों को कड़ी सजा देने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
