नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क चौड़ीकरण की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर की जाएगी। हालांकि, इसके लिए लगभग 17,400 पेड़ों की कटान करनी होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NH) ने इसके लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार से पहले ही 709 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही, 48 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण से जुड़ी अड़चन भी समाप्त हो गई है। अब परियोजना के क्रियान्वयन में सबसे बड़ी चुनौती पेड़ों की कटान को लेकर अनुमति प्राप्त करना है।
अधिकारियों के अनुसार, नैनीताल को जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा, जिससे भविष्य में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को यातायात की समस्या से राहत मिलेगी। लेकिन सड़क को अतिरिक्त तीन मीटर चौड़ा करने के लिए वर्षों पुराने चीड़, तुन, कोकाट सहित कई प्रजातियों के पेड़ों को काटना पड़ेगा। इनमें से अधिकांश पेड़ नैनीताल वन प्रभाग क्षेत्र में स्थित हैं।
लंबाई और पेड़ों की संख्या को लेकर बदलते रहे प्रस्ताव
इस परियोजना को लेकर अब तक कई बार सड़क की लंबाई और कटने वाले पेड़ों की संख्या में बदलाव हो चुका है। शुरुआत में काठगोदाम से नैनीताल तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव था, जिसे बाद में ज्योलीकोट तक सीमित कर दिया गया। इसके बाद फिर से नैनीताल तक सड़क चौड़ी करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह, पहले पेड़ों की संख्या 3,684 बताई गई, फिर 7,236 आंकलन किया गया, लेकिन अंतिम सर्वे में यह संख्या बढ़कर 17,400 से अधिक हो गई।
पहली कंपनी गायब, अफसर भी बार-बार बदले
सड़क के सर्वे और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के लिए शुरुआत में जयपुर की एक कंसलटेंट कंपनी का चयन किया गया था, लेकिन वर्ष 2019 में वह कंपनी अचानक लापता हो गई। इसके बाद उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त की गई। फिर गुरुग्राम की एक अन्य कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, सर्वे के दौरान एनएच हल्द्वानी खंड में अब तक चार अधिशासी अभियंता बदले जा चुके हैं, जिससे परियोजना की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
अब सबकी नजरें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के फैसले पर टिकी हैं, जिसके बाद ही नैनीताल रोड चौड़ीकरण का काम धरातल पर उतर पाएगा।
