देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा फेरबदल करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस फेरबदल का मुख्य केंद्र ऊर्जा विभाग के तीनों प्रमुख निगम रहे हैं, जहाँ शीर्ष पदों पर तैनात अधिकारियों की छुट्टी कर दी गई है।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक (MD) अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। इसके साथ ही यूजेवीएनएल (UJVNL) के एमडी संदीप सिंघल को भी उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, यूपीसीएल के निदेशक (परियोजना) अजय अग्रवाल को भी हटा दिया गया है।
व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शासन ने गजेंद्र सिंह बुदियाल को यूपीसीएल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, जबकि अजय कुमार सिंह को यूजेवीएनएल की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
मंदिर समिति में भी फेरबदल
ऊर्जा निगमों के अलावा, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल को उनकी प्रतिनियुक्ति से कार्यमुक्त कर दिया गया है। उन्हें उनके मूल विभाग, कृषि उत्पादन मंडी समिति में वापस भेज दिया गया है।
विकास और पर्यावरण का संतुलन
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्धन के समक्ष भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS) के वैज्ञानिकों ने बदरीनाथ कॉरिडोर विकास परियोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण अध्ययन प्रस्तुत किया। इस रिपोर्ट का उद्देश्य निर्माण कार्यों के दौरान पारिस्थितिक और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखना है।
मुख्य सचिव ने वैज्ञानिकों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा:
“उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में विकास गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। जहाँ भी वैज्ञानिक आकलन की आवश्यकता होगी, उसे सुनिश्चित किया जाएगा और सर्वे के निष्कर्षों का सत्यापन भी होगा।”
मुख्यमंत्री धामी का सीमांत क्षेत्रों पर ध्यान
हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई है। मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट कर सुरक्षा और सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने टिहरी गढ़वाल के घनसाली में ₹41.21 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। इसमें ₹13.43 करोड़ की तीन पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹27.78 करोड़ की पाँच नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने पिलखी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपग्रेड करने के लिए भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल के लिए भूमि दान करने वाले कृष्ण गैरोला और उनके परिवार को सम्मानित करते हुए कहा कि सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्य बातें:
समयबद्धता: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है, उनका समय पर उद्घाटन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
संवाद: मुख्यमंत्री ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से भी भेंट कर राज्य के विकास कार्यों और समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
उत्तराखंड सरकार के इन कदमों से स्पष्ट है कि प्रशासन अब जवाबदेही और राज्य के सतत विकास को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।
