Haldwani robbery की एक सनसनीखेज वारदात से नैनीताल जिले का शांत इलाका दहल उठा है। हल्द्वानी के व्यस्त गोरापड़ाव क्षेत्र में बुधवार देर शाम हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में एक बड़े जुए के अड्डे पर धावा बोल दिया। लगभग 8 से 10 नकाबपोश लुटेरों ने तमंचों और अन्य असलहों की नोक पर वहां मौजूद सभी लोगों को बंधक बना लिया और लाखों रुपये कैश, सोने की चेन और कीमती अंगूठियां लूटकर फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे कुमाऊं मंडल की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Haldwani Robbery Case: कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
गोरापड़ाव स्थित पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त (Second Hand Car Sale Office) से जुड़े एक दफ्तर में बुधवार की शाम रोज की तरह गतिविधियां चल रही थीं। अंदर करीब दस लोग बैठकर ताश के पत्तों पर जुए की बाजी लगा रहे थे। रात करीब 7:30 बजे अचानक दफ्तर के बाहर दो गाड़ियां—एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और एक सफेद रंग की कार—आकर रुकीं।
गाड़ियों से 8 से 10 हथियारबंद युवक नीचे उतरे और तेजी से दफ्तर के भीतर दाखिल हो गए। अंदर घुसते ही बदमाशों ने असलहे तान दिए और सबको अपनी-अपनी जगह पर स्थिर रहने की चेतावनी दी। बदमाशों ने कहा कि यदि किसी ने भी शोर मचाने या भागने का प्रयास किया, तो उसे तुरंत गोली मार दी जाएगी।
Haldwani Robbery: फड़ की नकदी से लेकर गले की चेन तक लूटी
दफ्तर के अंदर मौजूद लोगों को पूरी तरह अपने काबू में करने के बाद लुटेरों ने व्यवस्थित तरीके से लूटपाट शुरू की:
फड़ का कैश: जुए की मेज (फड़) पर रखा सारा दांव और नकदी समेट ली गई।
जेबों की तलाशी: जुआरियों और वहां मौजूद लोगों की जेबें खंगालकर उनके निजी पर्स और कैश निकाल लिए गए।
जेवरात छीनना: पीड़ितों के गले से सोने की मोटी चेनें और उंगलियों से कीमती अंगूठियां जबरन उतरवा ली गईं।
लूटपाट पूरी करने के बाद बदमाश पीड़ितों को जान से मारने की खुली धमकी देते हुए बाहर खड़ी अपनी गाड़ियों में सवार होकर नेशनल हाईवे की ओर तेजी से फरार हो गए।
कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर बने शिकार
सूत्रों के मुताबिक, इस वारदात में शिकार बने लोगों में शहर के कई जाने-माने व्यापारी और प्रॉपर्टी डीलर शामिल हैं।
यह दफ्तर कुछ महीने पहले ही पुरानी कारों की सेल-परचेज के नाम पर खोला गया था।
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, दफ्तर के पीछे गुप्त रूप से नियमित तौर पर भारी दांव वाले जुए का खेल संचालित किया जा रहा था।
हलद्वानी और गोरापड़ाव क्षेत्र के रसूखदार लोग अक्सर शाम के वक्त यहां जमा होते थे।
CCTV फुटेज और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, क्षेत्राधिकारी (सीओ) और कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे।
नाकाबंदी: घटना के तुरंत बाद जिले के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
पड़ोसी थानों को अलर्ट: लालकुआं, काठगोदाम, मुखानी और बनभूलपुरा थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया।
CCTV सर्विलांस: हाईवे और आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में संदिग्ध स्कॉर्पियो और सफेद कार का रूट ट्रेस होने की जानकारी मिली है।
”पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी और पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। सीसीटीवी कैमरों से कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
— मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी
स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस बड़ी लूट की घटना ने पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोरापड़ाव जैसे व्यस्त और खुले इलाके में हथियारों से लैस होकर 10 बदमाशों का खुलेआम गाड़ियों से आना, लूटपाट करना और बिना किसी रुकावट के फरार हो जाना सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुलिस पीड़ितों के बयानों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) के आधार पर गिरोह की पहचान करने में जुटी है।
