उत्तराखंड के सतपुली में भारी बारिश का कहर: महर गांव में मकान पर गिरा मलबा, दो साल के मासूम की मौत; दो अन्य लापता
सतपुली (पौड़ी गढ़वाल)।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर लगातार जारी है। पौड़ी गढ़वाल जिले के अंतर्गत आने वाली सतपुली तहसील में दर्दनाक हादसा पेश आया है, जहां ग्राम महर गांव में पहाड़ी से आए भारी मलबे की चपेट में आने से एक आवासीय मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। इस भीषण हादसे में मकान के अंदर मौजूद परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित बचाव अभियान शुरू किया। मलबे से दो वर्षीय मासूम बालक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं, एक अन्य घटना में रसोई की छत गिरने से बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
महर गांव में मलबे में तब्दील हुआ आशियाना
घटना सतपुली तहसील के महर गांव की है। सुबह के समय अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर भरभराकर नीचे स्थित एक रिहायशी मकान पर आ गिरे। मलबे का वेग इतना अधिक था कि मकान पलक झपकते ही पूरी तरह ढह गया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस मकान में मैक्स वाहन चालक अपने परिवार के साथ निवास करता था। सुबह जब परिवार के सदस्य घर के भीतर थे, तभी प्राकृतिक आपदा ने उनके आशियाने को अपनी चपेट में ले लिया। मकान के ध्वस्त होते ही अंदर मौजूद तीन लोग भारी मलबे के नीचे दब गए।
प्रशासन और SDRF का त्वरित रेस्क्यू अभियान
हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सतपुली और लैंसडाउन से पुलिस, प्रशासन तथा एसडीआरएफ की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
पहाड़ी क्षेत्र और लगातार गिरते पत्थरों की विषम परिस्थितियों के बावजूद राहत एवं बचाव दलों ने बिना समय गंवाए मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया। कंक्रीट के बड़े स्लैब और भारी मिट्टी के बीच चलाए गए गहन तलाशी अभियान के दौरान राहत कर्मियों ने मलबे के नीचे से एक दो वर्षीय बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं।
मृतक की पहचान: रुद्राक्ष (उम्र 2 वर्ष), पुत्र नवीन सिंह।
मलबे में लापता लोग:
धीरेंद्र सिंह (उम्र 46 वर्ष), पुत्र प्रताप सिंह।
मथुरा देवी (उम्र 70 वर्ष), पत्नी प्रताप सिंह।
लापता दोनों व्यक्तियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें भारी मशीनरी व स्थानीय संसाधनों की मदद से निरंतर मलबा हटाने के कार्य में जुटी हुई हैं।
बैर गांव में गिरी रसोई की छत, महिला घायल
सतपुली तहसील के ही ग्राम बैर गांव से भी एक अन्य दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहां भारी बारिश के चलते एक मकान की रसोई का हिस्सा अचानक ढह गया।
घटना के समय 60 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी कोमल सिंह रसोई में खाना बना रही थीं। अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर आ गिरा, जिससे वह मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। आवाज सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और निजी वाहन के जरिए हंस फाउंडेशन अस्पताल, सतपुली पहुंचाया। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, महिला को आवश्यक प्राथमिक उपचार दे दिया गया है और वर्तमान में उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पहाड़ी इलाकों में अलर्ट पर प्रशासन
उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सतपुली और लैंसडाउन क्षेत्र में हुए इन हादसों के बाद स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने ग्राम प्रधानों और राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर मकानों और ढलानों पर बने आवासों की लगातार निगरानी करें ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
