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जम्मू: जम्मू-कश्मीर की राजनीति उस वक्त दहल गई जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला हुआ। जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। हमलावर ने बेहद करीब से फारूक अब्दुल्ला की कनपटी पर बंदूक तान दी थी, लेकिन जांबाज सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
कैसे हुआ यह सनसनीखेज हमला?
यह घटना जम्मू के रॉयल पार्क, ग्रेटर कैलाश में आयोजित एक विवाह समारोह की है। डॉ. फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही वे समारोह से बाहर निकलने लगे, तभी भीड़ में छिपे एक शख्स ने पीछे से आकर उन पर हमला बोल दिया।
CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर ने अचानक अपनी पिस्तौल निकाली और फारूक अब्दुल्ला के सिर के बिल्कुल करीब सटाकर ट्रिगर दबाने की कोशिश की। इसी दौरान मौके पर तैनात NSG और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कमांडो बिजली की तेजी से हरकत में आए। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर का हाथ झटक दिया, जिससे गोली का निशाना चूक गया और डॉ. अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।
हमलावर कमल सिंह: 20 साल का इंतज़ार और नफरत की आग
पुलिस की गिरफ्त में आए हमलावर की पहचान कमल सिंह जम्वाल (उम्र 65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने जो खुलासे किए, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए।
दावा: कमल सिंह ने कुबूल किया कि वह पिछले 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला की हत्या करने का मौका ढूंढ रहा था।
हथियार: उसके पास से एक लाइसेंसी पिस्तौल बरामद हुई है।
स्थिति: प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह घटना के वक्त नशे की हालत में भी बताया जा रहा है।
पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह हमला किसी निजी रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक या आतंकी साजिश छिपी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल: उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता
इस हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक “गंभीर सुरक्षा चूक” करार दिया। उन्होंने लिखा:
“अल्लाह का शुक्र है कि मेरे पिता सुरक्षित हैं। लेकिन यह सवाल बहुत बड़ा है कि Z+ सुरक्षा और NSG कवर होने के बावजूद एक व्यक्ति लोड की हुई पिस्तौल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कैसे पहुँच गया? सुरक्षा दल ने अपनी जान पर खेलकर गोली को रोका, लेकिन इस सुरक्षा चूक की जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
इस घटना में डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को भी मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद पूरे जम्मू में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई
जम्मू पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। कमल सिंह के बैकग्राउंड, उसके पिछले रिकॉर्ड और उसके संपर्कों को खंगाला जा रहा है। सवाल यह भी है कि एक व्यक्ति लाइसेंसी हथियार लेकर वीआईपी (VIP) जोन के इतने करीब कैसे चला गया? फिलहाल, फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच उनके आवास पर ले जाया गया है।
मुख्य बिंदु:
आरोपी: कमल सिंह जम्वाल (65 साल)
स्थान: रॉयल पार्क, ग्रेटर कैलाश, जम्मू
बचाव: NSG कमांडो की त्वरित कार्रवाई से टली अनहोनी
जांच: जम्मू पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय

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