देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिधौली इलाके में सड़क पर सरेआम हुड़दंग मचाने और आपस में खूनी संघर्ष करने वाले एक निजी संस्थान के सात छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बीच सड़क पर खुलेआम गाली-गलौज और मारपीट के चलते राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम के समझाने के बावजूद छात्र शांत होने के बजाय और उग्र हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों के सात युवकों को मौके से ही हिरासत में ले लिया। पुलिस ने छात्रों की इस अनुशासनहीनता और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली हरकत पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित निजी शिक्षण संस्थान को उनके निष्कासन (एक्सपल्शन) के लिए विस्तृत रिपोर्ट भी प्रेषित कर दी है।
सरेराह मारपीट से बिधौली में फैली दहशत
घटना 6 सितंबर की है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधौली इलाके में दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते यह विवाद गाली-गलौज से आगे बढ़कर लात-घूंसों और हिंसक मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों के छात्र मुख्य मार्ग पर ही एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर हुड़दंग करने लगे।
सड़क पर मचे इस हंगामे के कारण वहां से गुजरने वाले आम नागरिकों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया। भारी शोर-शराबे और पथराव जैसी स्थिति को देखकर राहगीरों के गंभीर रूप से चोटिल होने का खतरा पैदा हो गया था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली प्रेमनगर पुलिस को दी।
पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने छात्र, और उग्र हुए
सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाने की पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों गुटों को अलग करने और मामले को शांत कराने का पूरा प्रयास किया। हालांकि, कानून के डर से बेपरवाह छात्र पुलिस के सामने ही एक-दूसरे को धमकियां देने लगे और दोबारा हाथापाई पर उतारू हो गए।
छात्रों के बढ़ते आक्रोश और सार्वजनिक सुरक्षा पर मंडराते खतरे को देखते हुए पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों गुटों के सात युवकों को मौके पर ही दबोच लिया।
नए आपराधिक कानूनों (BNSS) के तहत हुई कार्रवाई
कानून-व्यवस्था को ताक पर रखने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने सभी सात युवकों के खिलाफ नए आपराधिक कानून, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135 के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए छात्रों का विवरण:
- आर्यन पाटनी (उम्र 21 वर्ष)
- अभय कोहली (उम्र 21 वर्ष)
- नैथन (उम्र 21 वर्ष)
- कृष उपाध्याय (उम्र 20 वर्ष)
- युग नागर (उम्र 21 वर्ष)
- अर्पित तोमर (उम्र 19 वर्ष)
- कवि अत्री (उम्र 20 वर्ष)
पुलिस के अनुसार, ये सभी युवक प्रेमनगर क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थान के छात्र हैं और वर्तमान में प्रेमनगर क्षेत्र में ही किराए पर या हॉस्टलों में रह रहे थे।
कॉलेज प्रबंधन को भेजी गई रिपोर्ट, निष्कासन की तलवार
देहरादून पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई तक ही मामले को सीमित नहीं रखा है, बल्कि छात्रों के भविष्य और संस्थान के अनुशासन से जुड़ा कड़ा कदम भी उठाया है। पुलिस का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों से इस तरह के आपराधिक और असभ्य आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
कोतवाली प्रेमनगर के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव मचाने और आमजन की जान जोखिम में डालने वाले मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। सातों आरोपी छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उन्हें संस्थान से निष्कासित करने के लिए संबंधित कॉलेज प्रशासन को आधिकारिक रिपोर्ट भेज दी गई है।
शिक्षण नगरी में बिगड़ते माहौल पर पुलिस का कड़ा संदेश
देहरादून लंबे समय से देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है, जहां देश-विदेश से हजारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। बिधौली, सेलाकुई और प्रेमनगर जैसे इलाकों में कई बड़े निजी विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित हैं। पिछले कुछ समय से इन इलाकों में छात्रों के गुटों के बीच वर्चस्व, आपसी रंजिश और मारपीट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय आबादी में रोष है।
थाना प्रभारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि शिक्षा के नाम पर शहर का माहौल खराब करने, सरेआम गुंडागर्दी करने और शांति व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी यदि कोई छात्र या असामाजिक तत्व सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ इसी तरह कठोर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
