कोटद्वार (उत्तराखंड):
उत्तराखंड के कोटद्वार में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ समय पहले राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में आए जिम संचालक दीपक कुमार कश्यप उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक को स्थानीय पुलिस ने एक स्थानीय व्यापारी के साथ अभद्रता और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष देखा गया और बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कोतवाली परिसर में धरना देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया टिप्पणी से भड़की चिंगारी
घटनाक्रम की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई एक बहस से मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान एक मस्जिद के हटाए जाने से जुड़े मामले पर दीपक कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो पोस्ट पर कोटद्वार के एक स्थानीय व्यापारी संजीव टांक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी (कमेंट) कर दी।
इस टिप्पणी को लेकर दोनों पक्षों के बीच ऑनलाइन बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते जमीनी विवाद में तब्दील हो गई। आरोप है कि सोशल मीडिया की टिप्पणी से नाराज होकर दीपक कुमार गंगा दत्त जोशी मार्ग स्थित व्यापारी की दुकान पर पहुंच गए।
दुकान में घुसकर तीखी नोकझोंक, सीसीटीवी फुटेज आया सामने
प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायत के अनुसार, दीपक कुमार ने दुकान में प्रवेश कर व्यापारी के साथ कथित रूप से गाली-गलौज, बदसलूकी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी और विवाद की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
दुकान में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। इसके तुरंत बाद पीड़ित व्यापारी संजीव टांक ने कोटद्वार कोतवाली पहुंचकर दीपक कुमार के खिलाफ औपचारिक लिखित तहरीर सौंपी।
पुलिस कार्रवाई और संगीन धाराएं
शिकायत मिलते ही हरकत में आई कोटद्वार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दीपक कुमार को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
शुरुआती जांच में कोतवाली पुलिस ने BNS की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि, विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले में BNS की धारा 196 (धर्म, जाति आदि के आधार पर विद्वेष फैलाना) और धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) भी जोड़ दी गई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को BNS की धारा 170 के अंतर्गत गिरफ्तार कर हवालात भेज दिया।
व्यापारियों का कोतवाली में धरना और विरोध-प्रदर्शन
दीपक कुमार द्वारा व्यापारी के साथ की गई कथित बदसलूकी की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापार मंडल में आक्रोश फैल गया। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटिया और महामंत्री नवीन गोयल के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी कोटद्वार कोतवाली परिसर में एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए।
व्यापारियों का कहना था कि बाजार क्षेत्र में व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी असामाजिक तत्व को दुकानों में घुसकर गुंडागर्दी या धमकी देने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के सौहार्द को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी के खिलाफ कठोरतम धाराओं में कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा बाजार बंद कर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पुलिस के आश्वासन पर शांत हुआ गतिरोध
बढ़ते तनाव को देखते हुए कोटद्वार के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मनोज ठाकुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एएसपी ने प्रदर्शनकारी व्यापारियों से संवाद स्थापित किया और स्पष्ट किया कि पुलिस कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई कर रही है।
अधिकारियों ने व्यापारियों को बताया कि मामले में गैर-जमानती धाराएं जोड़ी जा चुकी हैं और विवेचना पूरी निष्पक्षता व साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली परिसर और बाजार क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कौन हैं ‘मोहम्मद’ दीपक और पहले क्यों आए थे चर्चा में?
दीपक कुमार कोटद्वार में एक जिम संचालित करते हैं। वह पहली बार 26 जनवरी 2026 को उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब कोटद्वार के पटेल रोड पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में लगे ‘बाबा’ शब्द को हटाने को लेकर कुछ संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा था। उस दौरान दीपक कुमार ने बीच में आकर बुजुर्ग दुकानदार का पक्ष लिया था।
उस विवाद के दौरान जब उनसे उनका नाम पूछा गया था, तो उन्होंने कैमरे पर खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय स्तर के कई राजनेताओं ने उनका समर्थन किया था, जबकि कई स्थानीय संगठनों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किए थे।
हालिया मामले पर पौड़ी पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी को भी कानून हाथ में लेने या धमकी देने की छूट नहीं दी जाएगी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
