नैनीताल में बुधवार को मौसम ने फिर करवट ली। सुबह हल्की बारिश और ओलावृष्टि हुई, जबकि पास के पंगोट क्षेत्र में बर्फबारी हुई, जिससे ठंड और भी बढ़ गई। पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह मौसम बदलाव आया।
गणतंत्र दिवस और वीकेंड के दौरान करीब 25,000 से अधिक पर्यटक नैनीताल पहुंचे, जिससे पर्यटन व्यवसाय को बड़ा बढ़ावा मिला। मौसम विभाग के अनुसार 30 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश के कई क्षेत्रों में 1 व 2 फरवरी को दिखेगा।
मौसम का हाल
मंगलवार को सुबह मौसम साफ था और धूप खिली हुई थी, लेकिन दोपहर में हल्की रिमझिम बारिश शुरू हो गई। देर शाम तक बारिश और ओलावृष्टि जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई और नगर में ठंड बढ़ गई। लोग हीटर और आग का सहारा लेने लगे।
मौसम विभाग के राज्य निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, यह दूसरा पश्चिमी विक्षोभ है, जो ऊंची चोटियों में बर्फबारी और कुछ क्षेत्रों में बारिश ला रहा है। इसका अधिक असर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर में रहेगा, जबकि नैनीताल, चंपावत और उद्यमसिंह नगर में इसका असर आंशिक रहेगा।
तापमान और आद्रता
जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, नैनीताल में अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 8 मिमी और आद्रता 60 से 90 प्रतिशत के बीच रही।
पर्यटन में रौनक
गणतंत्र दिवस और वीकेंड के दौरान पर्यटकों की आमद ने व्यवसाय को राहत दी। होटल-रेस्टोरेंट में भीड़ बढ़ी और पर्यटन स्थल जीवंत हो उठे। होटल एसोसिएशन के पीआरओ रुचिर साह के अनुसार, हिमपात की वजह से इस बार कारोबार में विशेष बढ़ोतरी हुई।
