उत्तरकाशी जनपद में मानसून के दौरान भारी तबाही मचाने वाले गड्ढूगाड़ कुपड़ा नाले पर अब स्थायी समाधान की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा कुपड़ा नाले पर 60 मीटर स्पान का वैली ब्रिज बनाया जाएगा, जिससे बड़कोट तहसील के कुपड़ा, त्रिखली और कुंसाला गांवों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। पुल निर्माण के बाद इन गांवों की सड़क से सीधी और सुरक्षित कनेक्टिविटी बहाल हो सकेगी।
बीते वर्ष मानसून सीजन ने उत्तरकाशी जिले को गहरे जख्म दिए थे। भारी बारिश और आपदाओं के चलते गड्ढूगाड़ कुपड़ा नाले में बादल फटने की घटना हुई, जिससे नाले में पानी के साथ कई फीट मलबा आ गया। इसके कारण स्यानाचट्टी–कुपड़ा सड़क पर बना मोटर पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के एंबेडमेंट के नीचे कटाव होने से वह हवा में झूलने लगा, जिसके चलते इस मार्ग पर कई महीनों तक आवाजाही पूरी तरह बंद रही।
इस दौरान नाले से आए मलबे ने स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी के प्रवाह को भी कई बार रोक दिया। प्रशासन द्वारा नदी से मलबा हटाकर उसे किनारे जमा किया गया। कुपड़ा, कुंसाला और त्रिखली गांवों के लोगों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए उसी मलबे के ऊपर अस्थायी सड़क बनाकर वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया। हालांकि यह व्यवस्था केवल अस्थायी साबित हुई और बरसात के समय यह रास्ता भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया।
आगामी मानसून सीजन में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद इस अस्थायी मार्ग पर आवाजाही संभव नहीं हो पाएगी। ग्रामीणों की मांग पर लोक निर्माण विभाग ने वहां 100 मीटर लंबी ट्रॉली की व्यवस्था भी की, लेकिन उससे भी आवाजाही में खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थायी और सुरक्षित पुल की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी।
जिला प्रशासन के निर्देश पर अब लोक निर्माण विभाग ने कुपड़ा नाले पर 60 मीटर लंबे स्पान के वैली ब्रिज के निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति प्राप्त कर ली है। इसके बाद पुल निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। लोनिवि बड़कोट के अधिशासी अभियंता तरुण काम्बोज ने बताया कि इस वैली ब्रिज का निर्माण लगभग 98 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले 15 से 20 दिनों के भीतर पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पुल के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित, सुगम और स्थायी आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी।
