कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय बजट को 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के साथ-साथ उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए भी विकास के नए अवसर लेकर आया है। बजट से पर्यटन, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे।
उत्तराखंड को मेडिकल, मैरिज और धार्मिक पर्यटन हब बनाने की योजना
नगर निगम सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट के अनुरूप राज्य सरकार आगामी राज्य बजट का रोडमैप तैयार करेगी। इसके तहत उत्तराखंड को मेडिकल टूरिज्म, मैरिज डेस्टिनेशन, ट्रेकिंग और धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस, हर जिले में खुलेंगे महिला हाट
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में महिला हाट स्थापित किए जाएंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि इससे महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन का बेहतर मंच मिलेगा और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम साबित होगी।
कृषि में मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट को मिलेगा प्रोत्साहन
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि भले ही राज्य में कृषि का रकबा घटा हो, लेकिन इसके बावजूद उत्पादकता में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसी नकदी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन फसलों को बंदर और जंगली सूअर जैसे जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को कीवी उत्पादन के लिए विशेष पहचान दिलाने की योजना है।
बंजर भूमि पर होगी क्लस्टर आधारित खेती
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश की बंजर पड़ी जमीनों का विस्तृत डाटा एकत्र किया जा रहा है। जल्द ही ऐसी भूमि पर क्लस्टर आधारित खेती शुरू की जाएगी, जिससे कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में इजाफा होगा।
जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर ठोस योजना नहीं
हालांकि मंत्री ने कृषि उत्पादकता बढ़ने की बात कही, लेकिन जंगली जानवरों द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान और खेती को सुरक्षित रखने के लिए किसी ठोस योजना की जानकारी नहीं दी।
पालीहाउस मामले में अनियमितताओं पर कार्रवाई जारी
पालीहाउस योजना में सामने आई गड़बड़ियों पर कृषि मंत्री ने कहा कि पूर्व में निदेशक बवेजा को पद से हटाया जा चुका है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही पात्र किसानों को पालीहाउस आवंटित कर दिए जाएंगे। साथ ही मालियों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
जीराम जी योजना में बढ़ा बजट, मजदूरों को मिलेगा टॉप-अप
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि जीराम जी योजना के तहत बजट में बढ़ोतरी की गई है और कार्यदिवसों की संख्या भी बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की कम मजदूरी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार टॉप-अप देने पर भी विचार कर रही है, ताकि उनकी आय में सुधार हो सके।
राज्य को क्या मिला, सवाल पर टला जवाब
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि केंद्रीय बजट से राज्य को क्या मिला, कृषि मंत्री ने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि राज्य का बजट जल्द आने वाला है। केंद्रीय बजट के अनुरूप ही राज्य बजट तैयार किया जाएगा, जिसमें राज्य के विकास का पूरा रोडमैप देखने को मिलेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रेल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही बागेश्वर-टनकपुर रेल मार्ग पर तेजी से काम होगा और प्रदेश में 500 नए अमृत सरोवर भी विकसित किए जाएंगे।
