राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंचीधाम और उत्तरकाशी जिले के सीमावर्ती गांव जादूंग सहित अन्य स्थलों पर चल रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैंचीधाम में नया पैदल पुल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है, जबकि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल जादूंग गांव में जल्द ही एक आधुनिक फेस्टिव ग्राउंड का निर्माण किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैंचीधाम और जादूंग में प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्यों में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता हो, तो इसमें कोई ढिलाई न बरती जाए। सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कैंचीधाम के साथ-साथ जागेश्वर धाम, महासू देवता, जादूंग, माणा, नीती और टिम्मरसैंण महादेव में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी स्थलों पर कुल 228 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर हैं। इनमें पैदल मार्ग, पुल, फेस्टिव ग्राउंड, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाए और तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक परियोजना के लिए कार्य प्रारंभ होने से लेकर विभिन्न चरणों और अंतिम पूर्णता तिथि तक का विस्तृत चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।
इसके साथ ही उन्होंने भूमि हस्तांतरण और अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। बैठक में पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से न केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और सीमावर्ती व पर्यटन क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
