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नैनीताल/हल्द्वानी: सरोवर नगरी नैनीताल और इसके आसपास के इलाकों में मुसीबतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों भीषण आंधी और तूफान के कारण तीन दिनों तक ‘ब्लैकआउट’ (बिजली गुल) झेलने वाले निवासियों के सामने अब पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। तकनीकी खराबी और मरम्मत कार्य के चलते जिले की लगभग दो लाख की आबादी को आज पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा।
क्यों ठप रहेगी सप्लाई?
पेयजल संकट का मुख्य केंद्र काठगोदाम स्थित कॉलटैक्स गेट चैंबर है। दरअसल, गौला बैराज से आने वाली नहर में लगी लोहे की जालियां टूट गई हैं। इन जालियों का काम नहर के पानी से कूड़ा-करकट और गंदगी को छानना है। जालियां टूटने की वजह से शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट में भारी मात्रा में कचरा पहुँच रहा है, जिससे मशीनों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
जल संस्थान ने इन जालियों की मरम्मत के लिए गुरुवार सुबह से काम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस मरम्मत कार्य के कारण फिल्टर प्लांट को होने वाली पानी की सप्लाई पूरे दिन बंद रहेगी, जिससे आगे की वितरण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी।
इन इलाकों में मचेगा हाहाकार
जल संस्थान के अनुसार, फिल्टर प्लांट बंद रहने से हल्द्वानी और नैनीताल के निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में भारी असर पड़ेगा। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्र हैं:
दमुवाढूंगा और बिठौरिया
कुसुमखेड़ा और चौफुला
बमौरी और ऊंचापुल
हल्द्वानी मुख्य बाजार क्षेत्र
बरेली रोड और रामपुर रोड से सटी कॉलोनियां
अधिकारियों का क्या है कहना?
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली ने बताया कि बुधवार रात तक जो पानी स्टोर किया गया था, उससे गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक की सप्लाई सुनिश्चित की गई। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू होने से शाम तक प्लांट बंद रहेगा। विभाग ने अनुमान लगाया है कि जालियों को ठीक करने में कम से कम 8 घंटे का समय लगेगा।
वहीं, नैनीताल शहर में बिजली संकट पर अधिशासी अभियंता रमेश गर्ब्याल ने कहा कि तूफान के बाद बिजली बहाल होने से पंपिंग शुरू हो गई है। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों (जैसे अयारपाटा और स्नोव्यू) में अभी भी कम दबाव (Low Pressure) की समस्या हो सकती है, जिसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जाएगा।
प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था
दो लाख लोगों की जरूरत को देखते हुए विभाग ने दाव किया है कि जिन इलाकों में पानी की भारी किल्लत होगी, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी। हालांकि, उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पानी का संयमित उपयोग करें और पहले से संचित पानी को प्राथमिकता दें।
पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर असर
नैनीताल में पीक टूरिस्ट सीजन होने के कारण बिजली और पानी की यह आंख-मिचौली व्यापारियों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। रविवार को आए तूफान ने पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया था। अब पेयजल संकट होटल व्यवसाय और दैनिक मजदूरों के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
कारण: काठगोदाम कॉलटैक्स गेट चैंबर की जालियों की मरम्मत।
प्रभाव: लगभग 2 लाख लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति बंद।
समय: सुबह 9 बजे से शाम तक प्लांट बंद रहेगा।
समाधान: प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजे जाएंगे।

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