देहरादून:
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोतवाली डालनवाला क्षेत्र के अंतर्गत रेंजर्स ग्राउंड स्थित ऐतिहासिक बाबा जमाल शाह की दरगाह पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर तोड़फोड़ करने और वहां मौजूद बुजुर्ग खादिम के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है। पीड़ित खादिम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों सहित 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रात के अंधेरे में दरगाह में घुसने और तांडव का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 9 अक्टूबर की रात करीब एक बजे की है। दरगाह के खादिम मकसूद अहमद द्वारा कोतवाली डालनवाला में दी गई लिखित शिकायत में बताया गया है कि अमन स्वेडिया और सिद्धार्थ बडोनी अपने 20 से 25 अज्ञात साथियों के साथ अचानक दरगाह परिसर में जबरन घुस आए।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन सभी लोगों के हाथों में हथौड़े, लाठी और डंडे जैसे हथियार मौजूद थे। परिसर में दाखिल होते ही आरोपियों ने ताबड़तोड़ तरीके से दरगाह की दीवार को तोड़ना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने बाबा जमाल शाह की मजार को भी भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
बुजुर्ग खादिम को बंधक बनाकर पीटा
घटना के समय लगभग 60 वर्षीय बुजुर्ग खादिम मकसूद अहमद दरगाह पर ही मौजूद थे। जब उन्होंने इन उपद्रवियों को रोकने और इस प्रकार की तोड़फोड़ करने से मना किया, तो आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई और निर्मम मारपीट की। बुजुर्ग खादिम को जबरन बंधक बनाकर एक, तरफ डाल दिया गया ताकि वे किसी से मदद न मांग सकें। इसके अलावा, दरगाह परिसर के भीतर से सामान और नकदी चोरी किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
खादिम मकसूद अहमद ने इस पूरी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आशंका जताई है कि इस तरह की अराजक और संकीर्ण हरकतें क्षेत्र के शांतिपूर्ण माहौल, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ सकती हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस, डीवीआर कब्जे में लिया
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दरगाह और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की जाए। उन्होंने मांग की है कि इस पूरी वारदात में शामिल एक-एक उपद्रवी की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डालनवाला थाना पुलिस ने दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता को पुख्ता किया जा सके।
बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
कोतवाली डालनवाला के प्रभारी विनोद गुसाई ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित खादिम मकसूद अहमद की तहरीर पर मुख्य नामजद आरोपी अमन स्वेडिया और सिद्धार्थ बडोनी तथा 20-25 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(2), 191(3), 196 और 298 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया और उनसे थाने लाकर लंबी पूछताछ की। हालांकि, पूछताछ के बाद शुरुआती औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें फिलहाल छोड़ दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर जो भी नए साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

