Noida International Airport को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बेहद अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित यूपी कैबिनेट की बैठक में जेवर स्थित हवाई अड्डे का नाम बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इस नए फैसले के तहत अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाएगा। राज्य सरकार का यह कदम देश के बुनियादी ढांचे और विमानन क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व को सम्मानित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
उत्तर प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर पर लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस बात की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर दिया गया है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।
Noida International Airport: उत्तर प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी का नया युग
उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिसमें Noida International Airport एक प्रमुख मील का पत्थर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस हवाई अड्डे के निर्माण से उत्तर प्रदेश एयर कनेक्टिविटी के मामले में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर के आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
राज्य में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करने के लिए दादरी में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को जोड़ने वाला एक विशाल जंक्शन तैयार किया गया है। गौरतलब है कि इस कॉरिडोर का 1,050 किलोमीटर से अधिक का हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इसके अलावा, वाराणसी में नेशनल वॉटरवे-1 पर देश का पहला मल्टी-मॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ क्षेत्र में फैला भारत का पहला फ्रेट विलेज भी स्थापित किया गया है, जो राज्य की औद्योगिक गति को अभूतपूर्व शक्ति प्रदान कर रहा है।
Noida International Airport के साथ राज्य में औद्योगिक क्रांति
जेवर में बन रहे Noida International Airport के आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों में भारी उछाल देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश अब ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ और ‘पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क’ जैसी वृहद परियोजनाओं के माध्यम से एक वैश्विक इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है। लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट और 1,000 एकड़ में फैला टेक्सटाइल पार्क राज्य की इस औद्योगिक क्रांति के सबसे बड़े उदाहरण हैं।
इन सभी विकास कार्यों के केंद्र में निर्बाध कनेक्टिविटी है। हवाई अड्डे का यह नया नामकरण न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश को एक सुरक्षित और सुलभ गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करता है।
Noida International Airport और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर का मॉडल
उत्तर प्रदेश अब देश में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के एक मजबूत मॉडल के तौर पर पहचाना जा रहा है। Noida International Airport के साथ-साथ राज्य में 1,483 किलोमीटर से अधिक कुल लंबाई वाले 42 नए नेशनल हाईवे का निर्माण किया गया है, जिस पर लगभग 60,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
रेल, मेट्रो और रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क में भी ऐतिहासिक प्रगति हुई है:
- नमो भारत ट्रेन: देश की पहली हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट पर ₹30,000 करोड़ से अधिक की लागत से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
- मेट्रो नेटवर्क विस्तार: लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में मेट्रो रेल नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है।
यूपी सरकार का यह निर्णय राज्य को वैश्विक व्यापार और पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

