देहरादून (दून प्राइम न्यूज)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सुद्धोवाला इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पढ़ाई करने के बहाने किराए के कमरे में रह रही दो छात्राएं तीन मुस्लिम युवकों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती हुई पकड़ी गई हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुप्त सूचना के आधार पर कमरे पर छापेमारी की। मौके की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही प्रेमनगर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना पर बजरंग दल ने मारा छापा, खुला पूरा राज
मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून के प्रमुख शैक्षणिक हब माने जाने वाले सुद्धोवाला क्षेत्र में एक कमरा किराए पर लिया गया था। बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं को पिछले कुछ समय से इस कमरे में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। पुख्ता और गुप्त सूचना मिलने के बाद जब बजरंग दल के कार्यकर्ता अचानक उस कमरे पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। कमरे के भीतर दो हिंदू युवतियां तीन मुस्लिम युवकों के साथ रह रही थीं। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी और मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।
हल्द्वानी और चमोली से देहरादून पढ़ने आई थीं छात्राएं
पूछताछ और शुरुआती जांच में सामने आया है कि पकड़ी गई दोनों युवतियां उत्तराखंड के ही कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र से ताल्लुक रखती हैं। इनमें से एक छात्रा हल्द्वानी और दूसरी चमोली जिले की निवासी है। दोनों युवतियों ने बताया कि वे देहरादून के स्थानीय कॉलेज में उच्च शिक्षा और पढ़ाई के लिए आई थीं। पढ़ाई के नाम पर घर से दूर आकर वे यहां इन युवकों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। युवतियों के परिजनों को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनकी बेटियां हॉस्टल या सुरक्षित कमरे के बजाय इस तरह के माहौल में रह रही हैं।
गुरुग्राम, मुरादाबाद और ऊधमसिंहनगर के हैं तीनों युवक
कमरे से पकड़े गए तीनों युवकों की पहचान हो चुकी है। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम इस प्रकार बताए हैं:
• आकिब: निवासी गुरुग्राम (हरियाणा)
• कबीर: निवासी मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश)
• एल्फेन्स: निवासी ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड)
ये तीनों युवक भी देहरादून के ही एक कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं, जो यहां रहकर पढ़ाई कर रहे थे। एक ही कमरे में दो युवतियों के साथ इन तीन युवकों का रहना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
डस्टबिन में मिली आपत्तिजनक सामग्री, मोबाइल में हिजाब पहने तस्वीरें
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पुलिस की मौजूदगी में जब कमरे की तलाशी ली गई, तो वहां से कई संदिग्ध और आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं। कमरे के डस्टबिन में भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिससे वहां चल रही अनैतिक गतिविधियों की पुष्टि होती है।
इसके अलावा, जब तीनों आरोपित युवकों के मोबाइल फोन को खंगाला गया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। युवकों के मोबाइल गैलरी में दोनों हिंदू छात्राओं की हिजाब पहनी हुई तस्वीरें मिलीं। सिर्फ इतना ही नहीं, मोबाइल के भीतर कुछ अत्यंत आपत्तिजनक और संवेदनशील वीडियो भी पाए गए हैं। इन तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में “लव जिहाद” और धर्म परिवर्तन के प्रयासों की आशंका को लेकर आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर इस पूरी घटना और छापेमारी का एक वीडियो भी तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा है।
प्रेमनगर कोतवाली पुलिस कर रही है गहन पूछताछ
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही प्रेमनगर कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत सुद्धोवाला में मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और तीनों आरोपित युवकों—आकिब, कबीर और एल्फेन्स को हिरासत में लेकर अपने साथ थाने ले आई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से गहनता से जांच की जा रही है। युवकों के मोबाइल फोन से मिली तस्वीरों और वीडियो की तकनीकी जांच (साइबर सेल के माध्यम से) कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं युवतियों पर किसी प्रकार का दबाव, ब्लैकमेलिंग या जबरन धर्मांतरण का प्रयास तो नहीं किया जा रहा था। छात्राओं के बयानों को भी दर्ज किया जा रहा है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके परिजनों को भी सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय निवासियों और छात्र संगठनों में बढ़ा आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद सुद्धोवाला और आसपास के शैक्षणिक क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पढ़ाई के नाम पर बाहर से आने वाले छात्र-छात्राएं बिना किसी उचित वेरिफिकेशन के किराए पर कमरे ले लेते हैं, जिससे इस प्रकार के अनैतिक और संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि देवभूमि उत्तराखंड के शांत माहौल को खराब करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र के सभी किराएदारों का दोबारा से कड़ा सत्यापन (वेरिफिकेशन) अभियान चलाया जाए।

