उत्तराखंड की धामी सरकार ने कृषि विभाग से जुड़े कर्मियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश की 672 न्याय पंचायतों में कार्यरत कृषि सहायकों के मानदेय में बढ़ोतरी कर दी गई है। अब कृषि सहायकों को पहले मिलने वाले 8300 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर 12,391 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इस संबंध में शासन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी के निर्देश पर यह निर्णय लागू किया गया है। मंत्री ने पूर्व में ही कृषि सहायकों के मानदेय में वृद्धि के संकेत दिए थे, जिसके बाद विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी कर शासनादेश जारी किया गया। इस फैसले से लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे कृषि सहायकों को बड़ी राहत मिली है।
प्रदेश भर की न्याय पंचायतों में तैनात कृषि सहायक कृषि विभाग की योजनाओं और आधुनिक तकनीकी जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वे किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी देकर कृषि विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कृषि सहायकों का प्रतिनिधिमंडल कुछ समय पहले कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिला था और मानदेय में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया था। इस पर मंत्री ने विभागीय सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि सहायकों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानदेय में हुई इस वृद्धि से कृषि सहायकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे और अधिक उत्साह व समर्पण के साथ किसानों की सेवा कर सकेंगे। यह कदम प्रदेश की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
