Fake PMO ID का इस्तेमाल कर वीवीआईपी सुरक्षा घेरे में घुसपैठ करने की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनमें से एक के पास से Fake PMO ID और दूसरे के पास से एक लोडेड लाइसेंसी हथियार बरामद किया गया।
यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ का उद्घाटन करने वाले थे। हालांकि, मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साफ किया है कि पकड़े गए आरोपियों का प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे या सुरक्षा सेंधमारी से कोई सीधा आतंकी संबंध नहीं पाया गया है।
BKC में सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और Fake PMO ID का पर्दाफाश
सोमवार को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा और नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) परिसर में वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर सुरक्षा बेहद कड़ी थी। इसी दौरान 24 वर्षीय रोहन पारेख नामक युवक और उसका सुरक्षाकर्मी दिलीप राजा कुंडे (49) परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
जब सुरक्षाकर्मी मेटल डिटेक्टर (DFMD) से गुजरा, तो बीप की तेज आवाज सुनकर तैनात सुरक्षाबलों ने उसे तुरंत रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक पिस्टल बरामद हुई। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का बड़ा अधिकारी बताया और धौंस जमाने के लिए एक डिजिटल आईडी कार्ड दिखाया।
सुरक्षा अधिकारियों ने जब कार्ड की बारीकी से जांच की, तो प्रथम दृष्टया ही वह Fake PMO ID प्रतीत हुआ। कार्ड पर जारी करने की तारीख तो दर्ज थी, लेकिन वैधता (वैलिडिटी) की कोई तारीख नहीं थी। साथ ही जारीकर्ता के हस्ताक्षर तो थे, मगर उसका पदनाम गायब था। संदेह गहराते ही मॉल सुरक्षा ने तुरंत मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच को सूचित कर दोनों को हिरासत में दिलवा दिया।
BNS की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
BKC पुलिस स्टेशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें सरकारी कर्मचारी का रूप धारण करने (Impersonation of a public servant) और हथियार के साथ अनधिकृत प्रवेश करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
जांच में सामने आया है कि बरामद हथियार का लाइसेंस तो वैध है, लेकिन किसी भी निजी या वाणिज्यिक परिसर में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर हथियार लेकर दाखिल होना गैरकानूनी है। मुंबई की एक स्थानीय अदालत ने मुख्य आरोपी रोहन पारेख और उसके बॉडीगार्ड को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अदालत में आरोपी का चौंकाने वाला दावा: क्या खुद हुआ फ्रॉड का शिकार?
कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी रोहन पारेख के वकील ने एक बेहद चौंकाने वाला पक्ष रखा। बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि रोहन ने जानबूझकर कोई अपराध नहीं किया है, बल्कि वह खुद एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह और जॉब फ्रॉड का शिकार हुआ है।
वकील के अनुसार:
- रोहन पारेख विज्ञान में स्नातक (B.Sc) है और खार इलाके में ड्रोन का व्यवसाय करता है।
- उसे तरुण कपूर और महक गुप्ता नामक अज्ञात व्यक्तियों ने पीएमओ में रक्षा अधिग्रहण नीति (Defence Acquisition Policy) से जुड़ा सलाहकार पद दिलाने का झांसा दिया था।
- उसे बाकायदा ऑफर लेटर, प्रधानमंत्री के कथित हस्ताक्षरों वाला फर्जी पत्र और अतिरिक्त सचिव के नाम से आधिकारिक दिखने वाले ईमेल भेजे गए थे।
- उसे यह Fake PMO ID भी किसी फिजिकल कार्ड के रूप में नहीं, बल्कि व्हाट्सएप पर एक स्क्रीनशॉट के रूप में मिली थी, जिसे उसने सच मान लिया था।
- ठगों के निर्देश पर ही उसने अपनी सुरक्षा के लिए लाइसेंसी गनमैन रखा हुआ था।
रोहन के वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के दिन वह किसी सरकारी काम या पीएम के कार्यक्रम के सिलसिले में वहां नहीं गया था, बल्कि वह अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने मॉल पहुंचा था।
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच का दायरा
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच अब इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर एंगल से जांच कर रहे हैं:
- दस्तावेजों का फॉरेंसिक विश्लेषण: आरोपियों के पास से बरामद सभी मोबाइल फोन, लैपटॉप, ईमेल्स और फर्जी आईडी कार्ड के स्क्रीनशॉट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
- मास्टरमाइंड की तलाश: जिस व्यक्ति ने रोहन को Fake PMO ID और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया, उस मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में टीमें रवाना कर दी गई हैं।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल का रिव्यू: वीवीआईपी मूवमेंट से ठीक पहले इस तरह की लापरवाही या दुस्साहस पर सुरक्षा ऑडिट भी किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 और वीवीआईपी सुरक्षा
जिस जगह यह घटना हुई, उसी परिसर में ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ (GFF) का आगाज हुआ है। चार दिवसीय इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकर्स, नीति निर्माता और फिनटेक विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य फोकस एजेंटिक एआई (Agentic AI), टोकनाइजेशन, और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए समावेशी वित्तीय प्रणालियों का निर्माण करना है। मुंबई पुलिस ने आश्वस्त किया है कि आयोजन स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और आम जनता या प्रतिनिधियों को किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
मुंबई पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह केवल एक युवक को ठगने का मामला है या फिर इसके पीछे कोई संगठित रैकेट काम कर रहा है जो युवाओं को फर्जी सरकारी पदों का लालच देकर गैरकानूनी गतिविधियों में धकेल रहा है।
