केदारनाथ से लौटते समय सोनप्रयाग के पास एक बड़ा हादसा हुआ, जब आठ यात्री ऊर्जा निगम के पावर हाउस के समीप भूस्खलन जोन में पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों और मलबे में फंस गए। इस दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार की देर शाम यह घटना हुई, जब यात्री पहाड़ी से गिरते पत्थरों और मलबे की चपेट में आ गए।
सूचना मिलने पर उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू के दौरान पहले दिन एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान गोपाल (50) पुत्र भक्तराम, निवासी मध्य प्रदेश के रूप में हुई। इसके अलावा, तीन घायल यात्रियों को सोनप्रयाग अस्पताल पहुंचाया गया। ये घायल हैं:
– जीवच तिवारी (60) पुत्र रामचरित, निवासी धनवा नेपाल
– मनप्रीत सिंह (30) पुत्र कश्मीर सिंह, निवासी पश्चिम बंगाल
– छगनलाल (45) पुत्र भक्त राम, निवासी राजोद, जिला धार, मध्य प्रदेश
दुर्घटना के बाद अधिकारियों को आशंका थी कि मलबे में अन्य लोग भी दबे हो सकते हैं, इसलिए बचाव कार्य जारी रखा गया। मंगलवार को तीन और शव मलबे से निकाले गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
1. गोपाल (50) पुत्र भक्तराम, निवासी जीजोड़ा, जिला धार, मध्य प्रदेश
2. दुर्गाबाई खापर (50) पत्नी संघन लाल, निवासी नेपावाली, जिला घाट, मध्य प्रदेश
3. तितली देवी (70) पत्नी राजेंद्र मंडल, निवासी ग्राम वैदेही, जिला धनवा, नेपाल
4. भारत भाई निरालाल (52) पुत्र निरालाल पटेल, निवासी सूरत, गुजरात
5. समनबाई (50) पत्नी शालक राम, निवासी झिझोरा, जिला धार, मध्य प्रदेश
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यह हादसा सोनप्रयाग बाजार से लगभग एक किमी आगे भूस्खलन जोन में हुआ, जहां पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिर रहा था। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत बचाव दल अभी भी अन्य संभावित यात्रियों की खोजबीन कर रहे हैं।
