नैनीताल (उत्तराखंड):
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के पर्वतीय इलाके मुक्तेश्वर से एक हैरान करने वाला, लेकिन नारी शक्ति और साहस का मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ रोजाना की तरह सुबह-सुबह स्कूल जा रही कुछ छात्राओं के साथ बाहरी क्षेत्र से आए दो युवकों ने छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणियां करने की कोशिश की। लड़कियों ने डरकर पीछे हटने के बजाय न सिर्फ मनचलों का डटकर मुकाबला किया, बल्कि बीच सड़क पर ही दोनों को पकड़कर उनकी जमकर धुनाई कर दी।
इतना ही नहीं, छात्राओं के इस अदम्य साहस को देखकर आसपास के ग्रामीण भी एकजुट हो गए।
गुस्साए स्थानीय लोगों ने मनचलों का मुंह काला कर दिया और उत्तराखंड के जंगलों में पाई जाने वाली तीव्र जलन पैदा करने वाली ‘बिच्छू घास’ (कंडाली) से उनकी क्लास लगा दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह मुक्तेश्वर क्षेत्र के एक गांव की कुछ छात्राएं अपने दैनिक रूटीन के तहत स्कूल और पास के स्थानीय बाजार की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गांव की सड़क पर पहले से मौजूद दो अज्ञात युवकों ने छात्राओं को देखकर छींटाकशी शुरू कर दी और अश्लील व अभद्र टिप्पणियां करने लगे।
प्रारंभिक तौर पर छात्राओं ने मामले को तूल न देते हुए उन युवकों की हरकतों और फब्तियों को नजरअंदाज करने की कोशिश की। लेकिन जब मनचलों का हौसला बढ़ता गया और उनकी अभद्रता हद से ज्यादा बढ़ गई, तो छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया। भागने या सहम जाने के बजाय छात्राओं ने साहस दिखाते हुए तुरंत पलटवार (Counter Attack) कर दिया।
सड़क पर छात्राओं का ‘रूद्र रूप’, भागने का मौका तक नहीं मिला
लड़कियों ने तुरंत हिम्मत जुटाकर दोनों युवकों को बीच सड़क पर ही दबोच लिया। जब तक युवक कुछ समझ पाते, छात्राओं ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से मनचले पूरी तरह हड़बड़ा गए और उन्हें मौके से भागने तक का मौका नहीं मिला।
छात्राओं के शोर-शराबे और विरोध की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर भी तुरंत मौके पर एकत्र हो गए।
जब ग्रामीणों को पूरी बात का पता चला कि बाहरी युवकों ने गांव की बेटियों के साथ अभद्रता की है, तो उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया।
मुंह पर पोती कालिख और लगाई बिच्छू घास (कंडाली)
गांव में बेटियों के साथ इस तरह की नापाक हरकत देखकर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने छात्राओं के साथ मिलकर दोनों मनचलों को सबक सिखाने का अनोखा तरीका अपनाया:
• मुंह काला किया: गुस्साए ग्रामीणों ने मनचलों के चेहरे पर कालिख पोत दी ताकि समाज में उनके कुकृत्य की पहचान हो सके।
• बिच्छू घास से ‘इलाज’: इसके बाद ग्रामीणों ने देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों में पाई जाने वाली मशहूर ‘बिच्छू घास’ (जिसे स्थानीय भाषा में ‘कंडाली’ कहा जाता है) से युवकों की धुनाई की। बिच्छू घास त्वचा पर लगते ही बेहद तीव्र जलन और खुजली पैदा करती है।
• पुलिस को सौंपा: अच्छी-खासी सबक सिखाने के बाद ग्रामीणों ने दोनों मनचलों को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों ने की छात्राओं की तारीफ
घटना के दौरान मौके पर मौजूद किसी प्रत्यक्षदर्शी ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नेटिजन्स (इंटरनेट यूजर्स) छात्राओं के इस साहसी कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि महिलाओं और छात्राओं को अपनी सुरक्षा के लिए इसी तरह निडर होकर मनचलों का मुकाबला करना चाहिए।
पुलिस प्रशासन का रुख: सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि दोनों युवक मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं और वे इस शांत ग्रामीण इलाके में किस मकसद से आए थे।
इस संवेदनशील मामले पर नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्रा ने बयान जारी करते हुए कहा:
“मुक्तेश्वर क्षेत्र में युवतियों के साथ छेड़छाड़ और उसके बाद हुए विवाद का मामला संज्ञान में आया है। पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है। शिकायत और जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि युवक जांच में दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
देवभूमि में बढ़ता जनाक्रोश और सबक
उत्तराखंड के शांत पर्वतीय इलाकों में बाहरी तत्वों द्वारा इस तरह की घटनाओं का सामने आना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि, मुक्तेश्वर की इस घटना ने यह साफ संदेश दे दिया है कि पहाड़ की बेटियां अब अबला बनकर जुल्म या बदतमीजी सहने वाली नहीं हैं।
छात्राओं के इस काउंटर अटैक ने इलाके के अन्य मनचलों के लिए भी एक बड़ा सबक पेश किया है।

