दिल्ली-एनसीआर में यातायात की सूरत बदलने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की सफलता के बाद, अब नमो भारत (RRTS) का अगला चरण एनसीआर के 10 बड़े शहरों को एक सूत्र में पिरोने के लिए तैयार है। नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए नए कॉरिडोर और ‘ऑर्बिटल कनेक्टिविटी’ पर तेजी से काम चल रहा है।
1. गाजियाबाद-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट: नया गेमचेंजर
सबसे महत्वपूर्ण अपडेट गाजियाबाद-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर को लेकर है। लगभग 72 किलोमीटर लंबे इस रूट की डीपीआर (DPR) को मंजूरी मिल चुकी है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के चार मूर्ति चौक और परी चौक होते हुए सीधे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा।
मार्च 2026 में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही इस रूट के निर्माण में और तेजी आने की उम्मीद है। इसका लक्ष्य 2030 तक परिचालन शुरू करना है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसी फिल्म सिटी और नए सेक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।
2. दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर रूट पर काम शुरू
दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गुरुग्राम, धारूहेड़ा और बावल होते हुए राजस्थान के अलवर तक जाने वाला कॉरिडोर अगले चरण का अहम हिस्सा है। गुरुग्राम के हिस्से में पिलर और एलिवेटेड वायाडक्ट का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। यह रूट न केवल दिल्ली और हरियाणा को जोड़ेगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।
3. फरीदाबाद और नोएडा के बीच ‘ऑर्बिटल कनेक्टिविटी’
सरकार की योजना केवल सीधे रूट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि वह चारों राज्यों के बीच एक ‘ऑर्बिटल’ नेटवर्क तैयार कर रही है। हरियाणा सरकार गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच मेट्रो और रैपिड रेल का एक समानांतर मॉडल तैयार कर रही है। इसके साथ ही फरीदाबाद को सीधे गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है, जिससे फरीदाबाद के लोग सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक पहुँच सकेंगे।
4. पानीपत और करनाल तक विस्तार
NCRTC (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) की प्राथमिकता सूची में दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर भी शामिल है। उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष में दिल्ली-अलवर और दिल्ली-करनाल प्रोजेक्ट्स को अंतिम मंजूरी मिल जाएगी।
कनेक्टिविटी का नया हब: सराय काले खां
सराय काले खां दिल्ली का वह केंद्र बनेगा जहाँ दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत जैसे बड़े कॉरिडोर आपस में मिलेंगे। इससे यात्रियों को एक ही स्थान से पूरे एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में जाने की सुविधा मिलेगी।
मुख्य आकर्षण:
कुल शहर: एनसीआर के 10 से अधिक शहरों को सीधा लाभ।
इंटरचेंज पॉइंट्स: नोएडा मेट्रो (परी चौक) और रैपिड रेल नेटवर्क का गाजियाबाद में मिलन।
समय सीमा: जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए 2030 का लक्ष्य।
यह बुनियादी ढांचा न केवल यात्रा के समय को कम करेगा बल्कि एनसीआर में रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
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