हल्द्वानी की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों की विदेशों में काफी मांग है। हालांकि, अपने उत्पादों को विदेश भेजने में इन महिलाओं को पहले कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए डाक विभाग ने हल्द्वानी में एक डाक निर्यात केंद्र की शुरुआत की है।
पंजीकरण की प्रक्रिया
सहायक डाक अधीक्षक, प्रकाश चंद्र पांडे ने बताया कि विदेश में उत्पाद भेजने के लिए सबसे पहले ग्राहकों को इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद ग्राहकों को जीएसटी नंबर, आधार कार्ड की कॉपी, और पंजीकरण के दौरान मिलने वाली स्लिप को अपने पैक किए गए पार्सल पर चिपकाना होगा।
विशेष सुविधाएं
1. डाक निर्यात केंद्र के माध्यम से, हल्द्वानी से दिल्ली होते हुए पार्सल को संबंधित देश के पते पर भेजा जाएगा।
2. यदि पार्सल भारी हो, तो डाकघर द्वारा उत्पाद को ग्राहक के घर से उठाने के लिए वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि इसके लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा।
3. बीमा सुविधा: ग्राहक अपने पार्सल का बीमा भी ऑनलाइन करा सकते हैं। साथ ही, स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री की भी ऑनलाइन सुविधा मिलेगी।
4. कस्टम विभाग से जुड़े सत्यापन भी ऑनलाइन ही पूरे किए जाएंगे। किसी तरह की कस्टम संबंधित जानकारी या सवाल होने पर, ग्राहक कस्टम विभाग से सीधे ऑनलाइन संवाद कर सकेंगे।
इस सुविधा के आने से हल्द्वानी की महिलाओं को अपने उत्पादों को विदेश भेजने में न केवल सहूलियत मिलेगी, बल्कि उनके व्यवसाय का विस्तार भी तेजी से होगा।
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चेक बाउंस मामले में काशीपुर की अदालत का फैसला: आरोपित को छह माह की सजा और 29.50 लाख रुपये का जुर्माना
काशीपुर में चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह की सजा और 29.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले में आस्था बीज कंपनी, काशीपुर के डायरेक्टर संदीप गोयल ने आरोप लगाया था कि रम्भा देवी, पत्नी मुन्ना सिंह कुशवाह ने अपनी कंपनी के लिए 28,30,000 रुपये का माल उधार लिया था, जिसके भुगतान के लिए उसने एक चेक दिया। जब चेक को बैंक में जमा किया गया, तो वह बाउंस हो गया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद, आरोपित को दोषी पाते हुए एनआई एक्ट के तहत सजा सुनाई। एसीजे द्वितीय चेतन सिंह गौतम की अदालत ने आरोपी को छह माह के कारावास के साथ ही 29.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
