क्रिसमस और नए साल के जश्न को लेकर उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में पर्यटकों की आवाजाही तेज हो गई है। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। जिस तरह से होटलों और गेस्ट हाउसों में एडवांस बुकिंग हो रही है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार नए साल पर औली पूरी तरह सैलानियों से गुलजार रहेगा।
औली में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के सभी गेस्ट हाउस पहले ही पूरी तरह भर चुके हैं। जीएमवीएन के अनुसार 23 दिसंबर से 3 जनवरी तक की बुकिंग पूरी हो चुकी है। निगम के स्की रिजॉर्ट, नंदा देवी और क्लाउड इन गेस्ट हाउस—तीनों में करीब 300 पर्यटकों के ठहरने की क्षमता है, जो फिलहाल फुल हो चुकी है। इसके साथ ही ज्योतिर्मठ स्थित जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में भी पर्यटकों ने तेजी से बुकिंग करानी शुरू कर दी है।
वहीं औली में मौजूद निजी होटलों में भी जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। निजी होटलों में करीब 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है और यह आंकड़ा रोजाना बढ़ता जा रहा है। औली क्षेत्र में जीएमवीएन और निजी होटलों को मिलाकर एक हजार से अधिक पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा हट और टेंट सुविधाएं भी मौजूद हैं। औली से नीचे सुनील क्षेत्र और टीवी टावर के आसपास भी बड़ी संख्या में होटल हैं, जिससे यहां पर्यटकों की अच्छी आमद की उम्मीद है।
हर दिन बढ़ रहा बुकिंग का ग्राफ
औली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अंती प्रकाश शाह ने बताया कि औली के होटलों में 60 प्रतिशत से अधिक बुकिंग हो चुकी है और हर दिन बुकिंग का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी दिनों में बर्फबारी होती है, तो सभी होटल एक झटके में फुल हो जाएंगे। नए साल के स्वागत के लिए होटलों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि पर्यटकों को यादगार अनुभव मिल सके।
जीएमवीएन के प्रबंधक प्रदीप शाह ने बताया कि औली के तीनों गेस्ट हाउस पूरी तरह फुल हो चुके हैं और ओवर बुकिंग की स्थिति भी सामने आ रही है, जिसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर को औली में पर्यटकों के लिए बोन फायर, म्यूजिक सिस्टम और विशेष पहाड़ी व्यंजन की व्यवस्था की गई है। मेहमानों को पारंपरिक पहाड़ी भोजन परोसा जाएगा, जिसमें कोदे की रोटी, चैंसा, काफली, झंगोरे की खीर और स्थानीय चटनियां शामिल होंगी।
औली में पहुंचने लगे पर्यटक
औली में पर्यटकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। हालांकि अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है, इसके बावजूद सैलानी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। रविवार को वीकेंड होने के कारण सुबह से ही पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी रहा। बर्फ न होने के कारण कुछ पर्यटक मायूस भी नजर आए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने औली की प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद लिया।
कई पर्यटक गोरसों तक भी पहुंचे, हालांकि वहां भी फिलहाल बर्फ नहीं है। इसके बावजूद पर्यटक औली में घुड़सवारी, चेयर लिफ्ट और आसपास के नजारों का आनंद ले रहे हैं। बेंगलुरु से आई अनुष्का और हरियाणा के सौरभ ने बताया कि वे पहली बार औली आए हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता बेहद मनमोहक है। उनका कहना है कि अगर बर्फ होती तो अनुभव और भी खास हो जाता, लेकिन मौसम बदला हुआ है, ऐसे में बर्फबारी की उम्मीद अब भी बनी हुई है।
