Uttarakhand Election Commission Action के तहत भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक बहुत बड़ा और कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे चार अलग-अलग नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित कर दिया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10क (Section 10A) के प्रावधानों के तहत यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। आयोग के इस फैसले के बाद इन प्रत्याशियों पर अगले तीन वर्षों के लिए चुनाव लड़ने से पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
Uttarakhand Election Commission Action: क्या है लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 10क?
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10क का इस्तेमाल मुख्य रूप से तब किया जाता है जब कोई चुनाव लड़ने वाला प्रत्याशी चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए नियमों और मानकों का पालन नहीं करता। मुख्य रूप से चुनाव खर्च का लेखा-जोखा (Election Expenses Account) निर्धारित समय सीमा के भीतर और तय प्रारूप में आयोग के समक्ष प्रस्तुत न करने पर यह कार्रवाई की जाती है।
इस कानून के तहत अयोग्य घोषित व्यक्ति आयोग के आदेश की तिथि से अगले 3 साल तक संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) या किसी भी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा और विधान परिषद का सदस्य चुने जाने या सदस्य बने रहने के लिए पात्र नहीं रहता है। निर्वाचन आयोग का यह नियम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
Uttarakhand Election Commission Action: कौन-कौन से 4 नेता हुए अयोग्य?
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राज्य के देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र की अलग-अलग विधानसभा सीटों से 2022 का चुनाव लड़ने वाले निम्नलिखित चार प्रत्याशियों पर प्रतिबंध लगाया गया है:
रामानन्द सिंह (15-चकराता अ.ज.जा. सीट): चकराता (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे रामानन्द सिंह को तीन साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। इनका पंजीकृत पता ग्राम ऐठान, पोस्ट डागुठा, तहसील त्यूनी, जिला देहरादून है।
बलबीर कुमार तलवार (18-धर्मपुर सीट): धर्मपुर विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशी बलबीर कुमार तलवार पर भी तीन वर्ष का बैन लगा है। इनका निवास स्थान प्रीत विहार, माजरा, निरंजनपुर, देहरादून है।
कमलेश माथुर (20-राजपुर रोड अ.जा. सीट): राजपुर रोड (अनुसूचित जाति) क्षेत्र से प्रत्याशी रहे कमलेश माथुर को आयोग ने नियमों की अवहेलना का दोषी पाया है। इनका पंजीकृत पता लाडपुर, रायपुर रोड, देहरादून है।
जगजीत सिंह (24-ऋषिकेश सीट): ऋषिकेश विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी जगजीत सिंह भी अयोग्यता की इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनका पता चंद्रेश्वर मार्ग, मायाकुंड, ऋषिकेश है।
Uttarakhand Election Commission Action: राजनीतिक दलों और भावी प्रत्याशियों के लिए कड़ा संदेश
निर्वाचन आयोग की इस सख्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय विवरण न देना भारी पड़ सकता है। उत्तराखंड में आगामी चुनावों की सरगर्मियां तेज हो रही हैं, ऐसे में आयोग का यह फैसला नए और पुराने सभी भावी प्रत्याशियों के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से सभी उम्मीदवारों को चुनावी आचार संहिता और चुनाव खर्च के ब्योरे को गंभीरता से लेने की सीख मिलेगी। निर्वाचन आयोग का यह आदेश जारी होने की तारीख से अगले तीन साल की अवधि तक पूरी तरह प्रभावी रहेगा।
