देहरादून:
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समूची देवभूमि उत्तराखंड देशभक्ति के उल्लास और उमंग में सराबोर नजर आई। राजधानी देहरादून स्थित ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास, युवाओं के सशक्तिकरण, पर्वतीय अर्थव्यवस्था और आपदा पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर सात बड़ी और ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।
परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह के दौरान पुलिस और विभिन्न सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने शानदार परेड प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी फोटो प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया।
उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मी और 13 खिलाड़ी सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में कानून-व्यवस्था और विशिष्ट सेवाओं में योगदान देने वाले 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ‘मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक’ से अलंकृत किया। इनमें से 7 कार्मिकों को उनकी दीर्घकालिक उत्कृष्ट सेवा और 6 को विशेष साहसिक कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर उत्तराखंड का मान बढ़ाने वाले 13 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा मंच से विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
शहीदों, आंदोलनकारियों और सैनिकों के प्रति व्यक्त की कृतज्ञता
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने सरहदों की रक्षा में मुस्तैद वीर सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के शौर्य को सलाम किया। इसके साथ ही, अलग उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए लंबा संघर्ष करने वाले राज्य आंदोलनकारियों और अमर शहीदों के योगदान का भी भावपूर्ण स्मरण किया।
आपदा प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार
हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री बेहद संवेदनशील नजर आए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। सरकार की शीर्ष प्राथमिकता प्रभावितों तक त्वरित राहत सामग्री पहुंचाना, घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करना और जिनके आशियाने उजड़ गए हैं, उन्हें पुनर्वास सहायता देना है। उन्होंने बताया कि युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और बिजली आपूर्ति को बहाल करने का कार्य जारी है।
ऐतिहासिक महत्व का वर्ष 2026
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में रेखांकित किया कि वर्ष 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक और प्रेरणादायक है। देश जहां आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, वहीं राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इसके साथ ही, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती और सिक्ख पंथ के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष पूरे श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के संदर्भ में विस्थापन और अमानवीय पीड़ा झेलने वाले परिवारों को भी नमन किया।
मुख्यमंत्री की 7 ऐतिहासिक घोषणाएं
राज्य के संतुलित और सतत विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर सात महत्वपूर्ण योजनाओं और निर्णयों की घोषणा की:
- पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार: स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने और पलायन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जनपदों में विशेष औद्योगिक पार्क (Industrial Parks) स्थापित किए जाएंगे।
- प्रथम ‘युवा आयोग’ का गठन: प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं, नीतियों और उनके कल्याण को संस्थागत रूप देने के लिए उत्तराखंड के पहले ‘राज्य युवा आयोग’ की स्थापना होगी।
- सीमांत युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को विशेष प्रोत्साहन: सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और भारतीय सेना से सेवामुक्त अग्निवीरों को सीमांत क्षेत्रों में स्वरोजगार व नए उद्यम स्थापित करने हेतु अतिरिक्त वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- भूमिधरी अधिकारों का विस्तार: वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण (Regularisation) की समय-सीमा बढ़ाते हुए पात्र निवासियों को विधिवत भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश वृद्धि: बेघर और निर्धन परिवारों को पक्के आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से पीएम आवास योजना के तहत राज्य सरकार का अंशदान 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति आवास किया गया है।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना: 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजना प्रारंभ की जाएगी। इसमें आईआईटी और आईआईएम जैसे शीर्ष संस्थानों के जरिए युवाओं को मुफ्त उद्यमिता प्रशिक्षण मिलेगा और उद्यम लगाने पर बैंक ऋण का 30 प्रतिशत सरकार अनुदान (Subsidy) के रूप में वहन करेगी।
- ‘बाल वीरता पुरस्कार’ की शुरुआत: प्रदेश के साहसी और अदम्य साहस का परिचय देने वाले बच्चों को प्रेरित व सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से राज्यस्तरीय ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आवास पर भी हुआ ध्वजारोहण
परेड ग्राउंड के मुख्य आयोजन से पूर्व मुख्यमंत्री आवास पर भी सादगी और गरिमा के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गान किया, जिसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सभी को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर है। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक अपने कार्यक्षेत्र में निष्ठा से योगदान दे, ताकि जनभागीदारी के बल पर उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ और अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
