H1N1 Dehradun जिले में एक बार फिर तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हलचल बढ़ गई है। राजधानी देहरादून में गुरुवार को 18 संदिग्ध सैंपलों की जांच की गई, जिसमें से सात मरीजों में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा (स्वाइन फ्लू) संक्रमण की पुष्टि हुई है। इन नए मामलों के सामने आने के बाद जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 59 पर पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ते ग्राफ को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जिला प्रशासन ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
H1N1 Dehradun Tally: जिले में 148 सैंपलों की जांच में 59 पॉजिटिव केस मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, जिले में अब तक कुल 148 संदिग्ध सैंपलों की लैब टेस्टिंग कराई जा चुकी है। इनमें से 59 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव दर्ज की गई है। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि कुल 59 संक्रमितों में से 41 मरीज अकेले देहरादून जिले के स्थानीय निवासी हैं, जबकि 18 मरीज आसपास के जिलों और बाहरी राज्यों से यहां उपचार कराने पहुंचे थे।
राहत की बात यह है कि कुल मरीजों में से 40 लोग समय पर सही उपचार मिलने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में जिले में 14 एक्टिव केस मौजूद हैं, जिनमें से 13 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में विशेष निगरानी के बीच इलाज चल रहा है। इसके साथ ही अब तक 5 मौतों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन मौतों की वास्तविक वजह क्या रही, इसकी पुष्टि विस्तृत डेथ ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक तौर पर की जाएगी।
H1N1 Dehradun Hospital Measures: दून और कोरोनेशन अस्पताल में स्टाफ के लिए मास्क अनिवार्य
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ग्राउंड स्तर पर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय (कोरोनेशन) जिला अस्पताल समेत सभी प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी विंग में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। फ्लू जैसे लक्षणों (आईएलआई) वाले मरीजों को सामान्य ओपीडी से अलग फ्लू डेस्क पर देखा जा रहा है, ताकि अस्पताल परिसर में आने वाले अन्य गंभीर मरीजों और तीमारदारों तक संक्रमण न फैले। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और जरूरी दवाओं का स्टॉक दुरुस्त रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
H1N1 Dehradun COVID-19 Status: कोरोना का 1 नया मामला, 3 एक्टिव मरीज उपचाराधीन
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ जिले में कोविड-19 की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। गुरुवार को लिए गए 17 सैंपलों में से 1 मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिले में अब तक कुल 110 सैंपलों की जांच की गई है, जिनमें से 18 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 8 मरीज देहरादून के और बाकी अन्य क्षेत्रों के हैं।
कोरोना से पीड़ित 15 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 3 एक्टिव मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिले में कोविड संक्रमण से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।
H1N1 Dehradun Symptoms: इन लक्षणों को कतई न करें नजरअंदाज
मौसम में हो रहे बदलाव के बीच वायरल और इन्फ्लूएंजा वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते लक्षणों की पहचान कर जांच कराना ही सबसे बड़ा बचाव है।
तेज बुखार और शरीर में लगातार कंपकंपी छूटना
सूखी या बलगम वाली लगातार खांसी
गले में तेज खराश, दर्द और निगलने में तकलीफ
सांस लेने में भारीपन या सांस फूलने की समस्या
तेज सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि मौसमी बुखार समझकर खुद से दवाएं (सेल्फ-मेडिकेशन) लेने की भूल बिल्कुल न करें। यदि कोई भी लक्षण 24 से 48 घंटे से ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से परामर्श लें और आवश्यक जांच कराएं।
H1N1 Dehradun Safety Tips: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एच1एन1 वायरस कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर सबसे पहले असर करता है। इसलिए बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से शुगर, बीपी, किडनी या सांस (अस्थमा) की बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय उत्तम क्वालिटी का मास्क पहनें, हाथों को समय-समय पर साबुन-पानी से 20 सेकंड तक धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें, खांसते या छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें, पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें और बिना हाथ धोए अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें। अस्पताल प्रबंधन को भी निर्देश दिया गया है कि वे इन्फेक्शन कंट्रोल प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
