उत्तराखंड को पीएमश्री योजना के तहत मिलने वाली धनराशि का सही तरीके से उपयोग न हो पाने के कारण केंद्र सरकार की दूसरी किस्त रुक गई है। शिक्षा विभाग द्वारा समय पर बजट खर्च न कर पाने की वजह से अल्मोड़ा, हरिद्वार, पिथौरागढ़, और बागेश्वर के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब तलब किया गया है।
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शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान ने चेतावनी दी है कि अगर सात दिन के भीतर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अल्मोड़ा जिले में पीएमश्री विद्यालय की प्रगति बेहद धीमी रही है, जहां अब तक आवंटित धनराशि का केवल 29 प्रतिशत ही खर्च हुआ है। इसके चलते अल्मोड़ा के सीईओ अत्रेश सयाना को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अल्मोड़ा को एक करोड़ 15 लाख रुपये मिले थे, लेकिन इसमें से मात्र 4.57 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। इसी प्रकार, हरिद्वार में आवंटित बजट का केवल 52 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 38 प्रतिशत, और बागेश्वर में मात्र 35 प्रतिशत धनराशि ही उपयोग की गई है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
शिक्षा महानिदेशक ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार से मिले निर्देशों के अनुसार, धनराशि का सही और समय पर उपयोग होना चाहिए ताकि योजना की प्रगति रिपोर्ट केंद्र को भेजी जा सके। अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा प्रदेश के छात्रों को भुगतना पड़ सकता है।

